बारह वर्ष की आयु में मिलीं दो सहेलियों ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी दोस्ती को और मजबूत किया। ये दोनों अपने रिश्ते को एक गहरी, प्लेटोनिक भावना मानती हैं, और जोर देकर कहती हैं कि यह प्रेम संबंध नहीं है। उनका कहना है कि वे दोनों "आत्मा की जुड़वाँ" हैं और एक-दूसरे के साथ गहरा जुड़ाव महसूस करती हैं। इस अनूठे बंधन को अब वे विवाह के बंधन में बदलने का फैसला लिया है। यह फैसला उनकी दोस्ती की गहराई और एक-दूसरे के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है। दोनों सहेलियाँ इस नए अध्याय को लेकर उत्साहित हैं और समाज में दोस्ती के पारंपरिक अर्थों को चुनौती दे रही हैं। उनका मानना है कि प्रेम कई रूपों में हो सकता है और उनकी दोस्ती भी उनमें से एक है।