फुटबॉल के प्रति रुझान बचपन से ही ब्राज़ील के प्रति रहा है, जब लेखक मात्र छह-सात वर्ष के थे। यह लगाव पीढ़ीगत भी हो सकता है, क्योंकि ब्राज़ील का फुटबॉल विश्व स्तर पर लोकप्रिय है। लेखक ने स्पष्ट किया है कि वे ब्राज़ील के प्रशंसक तो हैं, लेकिन उन्हें इस बार जीतने की प्रबल उम्मीद नहीं है। यह बयान ब्राज़ील टीम की वर्तमान स्थिति या अन्य प्रतिस्पर्धी टीमों की मज़बूती को दर्शाता है। लेखक का यह व्यक्तिगत मत है, जो ब्राज़ील के प्रति उनके गहरे प्रेम के बावजूद व्यक्त किया गया है। यह दर्शाता है कि समर्थन और उम्मीद हमेशा एक साथ नहीं चलते।