नीदरलैंड्स में चल रहे एक बड़े जनसंख्या अध्ययन, लाइफ़लाइन्स, ने 20 वर्षों में पहली बार नए प्रतिभागियों की तलाश शुरू कर दी है। यह अध्ययन 2006 से ग्रोनिंगन, फ्रीसलैंड और ड्रेन्थे के 167,000 से अधिक निवासियों के स्वास्थ्य पर नज़र रख रहा है। अध्ययन का उद्देश्य स्वस्थ उम्र बढ़ने की अंतर्दृष्टि प्राप्त करना है, जिसके लिए प्रतिभागियों से नियमित रूप से चिकित्सा माप, रक्त के नमूने और डिजिटल प्रश्नावली शामिल हैं। इस डेटा का उपयोग दुनिया भर के शोधकर्ताओं, अस्पतालों और व्यवसायों द्वारा आनुवंशिक बीमारियों, मोटापा या मानसिक स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में किया जाता है। हाल ही में, ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय चिकित्सा केंद्र और ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय के शोध से पता चला कि भूकंप से ग्रोनिंगन में दसियों हज़ार लोगों में चिंता, अवसाद और बेचैनी बढ़ी है, जिसके लिए लाइफ़लाइन्स डेटा का उपयोग किया गया था। अब, शोधकर्ता एक नई पीढ़ी के निवासियों को शामिल करने के लिए तैयार हैं, जो 40 वर्ष या उससे कम उम्र के हों और ग्रोनिंगन, ड्रेन्थे या फ्रीसलैंड में रहते हों और जिनके परिवार के सदस्य पहले से ही अध्ययन में भाग ले रहे हों। इससे शोधकर्ताओं को आनुवंशिक पैटर्न को लगातार ट्रैक करने में मदद मिलेगी।