मार्टिन लिडेगार्ड के लिए मंगलवार के 24 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण रहे। उन्होंने स्वीकार किया कि वे एक ऐसे कमरे में अकेले खड़े थे जहाँ उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी मोर्टन मेसर्शमिड्ट ने उन्हें अदालत में घसीटा था। लिडेगार्ड ने इस पूरे घटनाक्रम को साझा करने का निर्णय लिया है, जिसे उन्होंने "संक्षिप्त और क्रूर" बताया। यह मामला दोनों राजनेताओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे प्रतिद्वंद्विता का परिणाम है। मेसर्शमिड्ट द्वारा अदालत में घसीटे जाने से लिडेगार्ड को काफी झटका लगा। उन्होंने इस अप्रत्याशित परिस्थिति का सामना करने के लिए खुद को तैयार किया। यह घटना डेनमार्क की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।