लाहौर उच्च न्यायालय ने 2020 में लाहौर-सियालकोट मोटरवे पर हुए गैंगरेप मामले में दो दोषियों को दी गई मौत की सजा को बरकरार कर दिया है। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत ठोस सबूतों के आधार पर यह फैसला सुनाया है। दोषियों, अबिद अली और शफ़कत अली ने अपनी सजा के खिलाफ अपील की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इस मामले में एक फ्रांसीसी मूल की पाकिस्तानी महिला के साथ क्रूरतापूर्वक बलात्कार किया गया था, जब उसकी गाड़ी मोटरवे पर खराब हो गई थी। पुलिस ने गहन जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया और फोरेंसिक सबूतों के माध्यम से उनकी संलिप्तता साबित की। एंटी-टेररिज्म कोर्ट ने पहले ही दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया था, और अब उच्च न्यायालय ने उस फैसले को बरकरार रखा है। यह फैसला पीड़िता को न्याय दिलाने और ऐसे अपराधों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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