जर्मनी, लाइपजिग में हुए ड्रोन हमले के पीछे रूस को मान रहा है, लेकिन सीधे सबूतों की कमी है। बर्लिन को 'हाइब्रिड युद्ध' के दौर में केवल संकेत और खुफिया जानकारी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। जर्मन अधिकारियों का मानना है कि रूस इस तरह की घटनाओं को अंजाम देकर अस्थिरता फैलाना चाहता है। अभी तक, जर्मनी ने रूस के खिलाफ कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन जांच जारी है। खुफिया एजेंसियां इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह घटना जर्मनी में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ा रही है, और सरकार भविष्य में ऐसे हमलों से निपटने के लिए तैयार रहने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। रूस ने इन आरोपों का खंडन किया है।