जर्मन सरकार के अनुसार, लाइप्जिग/हैल हवाई अड्डे पर हुए ड्रोन हमले को रूसी आदेश पर अंजाम दिया गया था। जांच में यह बात सामने आई है कि यह हमला रूस द्वारा समर्थित था। अधिकारियों ने इस हमले के पीछे के दो संदिग्धों की पहचान कर ली है, हालांकि उनके नामों का खुलासा नहीं किया गया है। यह घटना हवाई यातायात के लिए एक गंभीर खतरा थी, जिससे उड़ानें बाधित हुईं। जर्मन सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहन जांच कर रही हैं और हमले के उद्देश्यों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। माना जा रहा है कि यह हमला यूक्रेन में चल रहे संघर्ष से जुड़ा हो सकता है। इस घटना ने यूरोपीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।