आपराधिक कानूनी सहायता प्रदान करने वाले वकीलों के शुल्क को लेकर चल रहा विवाद बढ़ता जा रहा है। इस बीच, न्याय मंत्री इस मामले पर अंतिम निर्णय ले रहे हैं। वकीलों के विरोध प्रदर्शनों के कारण संसद की न्याय समिति ने मंत्री को तत्काल बैठक के लिए बुलाया है। वकीलों की मांग है कि उन्हें कानूनी सहायता के लिए उचित और निश्चित शुल्क मिले। सरकार का कहना है कि वह वकीलों की चिंताओं को समझती है और इस मुद्दे को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। समिति की बैठक में शुल्क निर्धारण के नए प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा और वकीलों के प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। यह मुद्दा न्यायपालिका की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रहा है, इसलिए सरकार इस पर जल्द से जल्द फैसला लेना चाहती है।