वामपंथी दलों ने राष्ट्रीय परीक्षाओं के मूल्यांकन प्रक्रिया में कमियों के लिए शिक्षा मंत्री से जवाबदेही की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि मूल्यांकन में हुई गलतियों के लिए मंत्री को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। हालांकि, दायीं ओर के सरकार विरोधी दलों के भी इस मामले में अपनी राय रखने की संभावना है। यह मुद्दा संसद में बहस का विषय बन सकता है, और मंत्री पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ सकता है। इस मामले से छात्रों के भविष्य पर भी असर पड़ने की आशंका है, क्योंकि मूल्यांकन में देरी से उनके प्रवेश प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और त्रुटियों को सुधारने के लिए कदम उठा रही है। शिक्षा मंत्री ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।