वामपंथी दलों ने सार्वजनिक सामाजिक सहायता (PSU) के मूल्य को निर्धारित करने के लिए एक नया प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के अनुसार, PSU का मूल्य "गरीबी की जोखिम सीमा" के आधार पर तय किया जाएगा। 'लिव्रे' और 'ब्लॉक' दलों ने सामाजिक कार्य की शर्त को पूरी तरह से हटाने का प्रस्ताव दिया है। वर्तमान में, PSU की राशि विभिन्न सामाजिक और आर्थिक कारकों पर निर्भर करती है। नए प्रस्ताव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सहायता राशि उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है। वामपंथी दलों का मानना है कि यह बदलाव सामाजिक न्याय को बढ़ावा देगा और गरीबी को कम करने में मदद करेगा। इस प्रस्ताव पर आगे चर्चा और निर्णय लिया जाना बाकी है।
