हालिया चुनावी अभियान के बाद सेपेदा और उनके समर्थकों को अपनी हार का आभास हो गया है। गठबंधन को विश्वास है कि वे अब इतने वोट नहीं जुटा पाएंगे जिससे परिणाम पलट सकें। इस राजनीतिक स्थिति को देखते हुए, वामपंथी खेमा अब सत्ता के बजाय विपक्ष की भूमिका निभाने पर विचार कर रहा है। 'पैक्टो' अब डी ला एस्प्रिएला के नेतृत्व वाली सरकार के सामने एक मजबूत विपक्षी मोर्चे की रूपरेखा तैयार कर रहा है। यह बदलाव चुनावी गणनाओं में उनकी कमजोर स्थिति का सीधा परिणाम है। अब उनका पूरा ध्यान आगामी राजनीतिक चुनौतियों और विरोध प्रदर्शनों पर केंद्रित है। यह घटनाक्रम देश की राजनीतिक दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।