चार्ल्स लेक्लर इस वर्ष आलोचनाओं के घेरे में थे, खासकर मोंटे कार्लो में दो बार दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद। स्पेन में भी उनकी दुर्घटना हुई थी, जिसके बाद उन्होंने शर्मिंदगी महसूस की थी। ब्रिटिश ग्रां प्री में, लेक्लर ने नकारात्मक टिप्पणियों और दबाव को पूरी तरह से अनदेखा करते हुए शानदार वापसी की। उन्होंने अपनी ड्राइविंग क्षमता का प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की, जिससे उन्हें आत्मविश्वास वापस मिला। इस जीत ने दर्शाया कि वह मानसिक रूप से कितने मजबूत हैं और दबाव में कैसे प्रदर्शन कर सकते हैं। लेक्लर की इस सफलता ने साबित कर दिया है कि वे फॉर्मूला वन के शीर्ष ड्राइवर हैं। यह जीत उनके लिए एक महत्वपूर्ण पल था और उन्होंने इसे यादगार बना दिया।