लेबनान में इजराइल के साथ एक फ्रेमवर्क समझौते पर बढ़ते विवादों के कारण गृहयुद्ध की आशंकाएं गहरा रही हैं। इस समझौते का मुख्य मुद्दा हिज़्बुल्लाह का निरस्त्रीकरण है, जो देश में तनाव का एक प्रमुख स्रोत बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि हिज़्बुल्लाह को निरस्त्र करने का प्रयास शिया और अन्य लेबनानी समुदायों के बीच टकराव को जन्म दे सकता है। यह समझौता लेबनान की राजनीतिक अस्थिरता को और बढ़ा सकता है, जो पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट और राजनीतिक गतिरोध से जूझ रहा है। विभिन्न गुटों के बीच सहमति बनाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है। इस स्थिति से क्षेत्रीय स्थिरता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। लेबनान में राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह समझौता देश के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।