दक्षिणी लेबनान के निवासियों ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के समझौते के बाद भी स्थायी शांति की संभावना पर संदेह व्यक्त किया है। उनका मानना है कि यह समझौता तनाव को कम करने में सफल हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक शांति स्थापित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अतीत में भी ऐसे समझौते हुए हैं जो विफल रहे हैं। वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष फिर से भड़क सकता है। समझौते की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सभी पक्ष इसका ईमानदारी से पालन करें और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ठोस कदम उठाएं। फिलहाल, दक्षिणी लेबनान के लोग सतर्क हैं और स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
