लेबनान और इज़राइल दोनों ही हेज़बोल्लाह के कारण पीड़ित हैं, क्योंकि लेबनानी सरकार का इस संगठन पर कोई नियंत्रण नहीं है। इस स्थिति के कारण इज़राइल के साथ कोई भी समझौता करना मुश्किल हो रहा है। विश्लेषक अना कैवलिएरी के अनुसार, ईरान पर से प्रतिबंधों में ढील देने का उद्देश्य अमेरिका में ईंधन की कीमतों को कम करना है। यह कदम अप्रत्यक्ष रूप से लेबनान और इज़राइल की स्थिति को प्रभावित कर सकता है। हेज़बोल्लाह की गतिविधियों के कारण क्षेत्र में तनाव बना हुआ है, और शांति प्रक्रिया बाधित हो रही है। ईरान के साथ संभावित समझौते से स्थिति में बदलाव आ सकता है, लेकिन यह हेज़बोल्लाह के प्रभाव को कम करने पर निर्भर करेगा। फिलहाल, दोनों देशों को हेज़बोल्लाह के कारण जटिल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
