विश्लेषकों के अनुसार, लेबनान में इजरायली गतिविधियों में वृद्धि से तेहरान और वाशिंगटन के बीच चल रहे समझौते की संभावना खतरे में पड़ सकती है। इजराइल की ओर से बढ़ते तनाव के कारण इस समझौते पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। यह समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने और क्षेत्रीय स्थिरता लाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। लेबनान में किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई से यह प्रक्रिया बाधित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लेबनान की स्थिति इस समझौते के भविष्य को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। वर्तमान में, राजनयिक प्रयास जारी हैं, लेकिन इजरायली कार्रवाई समझौते को और जटिल बना सकती है। इस स्थिति पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की नज़र है।
