लेबनान एक बार फिर से इजराइल और ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष की चपेट में है। यह पहली बार नहीं है जब लेबनानी अन्य देशों के संघर्षों में फंस गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी गर्मी 2026, 1982 में आए भीषण संघर्ष की पुनरावृत्ति जैसा हो सकता है। वर्तमान स्थिति लेबनान में अस्थिरता और मानवीय संकट को बढ़ा रही है। इस संघर्ष का क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। लेबनान की सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए संघर्ष कर रही है, और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से सहायता की अपील की जा रही है। यह स्थिति लेबनान के लिए एक गंभीर चुनौती है, जो पहले से ही आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है।