टेलीग्राफ के अनुसार, कीव और ब्रुसेल्स को आशंका है कि मारिन ले पेन फ्रांस के अगले राष्ट्रपति बन सकती हैं और रूस के खिलाफ आगे के प्रतिबंधों को रोक सकती हैं। यह डर यूरोपीय संघ के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है, क्योंकि रूस पर प्रतिबंधों को लेकर पहले से ही चुनौतियां हैं। ले पेन का संभावित चुनाव रूस के प्रति यूरोपीय संघ की नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। वर्तमान स्थिति में, यूरोपीय संघ रूस पर दबाव बनाए रखने के लिए प्रतिबंधों का उपयोग कर रहा है। यदि ले पेन राष्ट्रपति बनती हैं, तो यह रणनीति कमजोर हो सकती है। इस स्थिति से यूक्रेन और ब्रुसेल्स दोनों चिंतित हैं, क्योंकि इससे रूस के खिलाफ यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया सीमित हो सकती है। यह घटनाक्रम यूरोपीय राजनीति में एक अनिश्चितता का माहौल पैदा कर रहा है।