फ्रांस में, मरीन ली पेन की राष्ट्रीय रैली (RN) के युवा समर्थकों ने एक भड़काऊ नारा लगाया, जिसमें 'अरबों को वध के लिए भेजो!' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। यह नारा स्पष्ट रूप से अरब समुदाय के खिलाफ हिंसा का आह्वान करता है। सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने के बावजूद, इस घटना पर फ्रांस में अपेक्षित आक्रोश नहीं देखा गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना नस्लवादी विचारों के सामान्यीकरण का संकेत है। यह नारा ली पेन के सत्ता में आने की वकालत के साथ जोड़ा गया था, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। इस घटना के बाद फ्रांस में राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ने की आशंका है। फिलहाल, इस मामले में कोई बड़ी गिरफ्तारी या कड़ी प्रतिक्रिया नहीं हुई है।