मिस्र में वकीलों ने डिजिटल मुकदमों की फीस के ख़िलाफ़ «مجلس الدولة» (Council of State) में याचिका दायर की है। यह कदम «استياء المعلمين» (Teachers’ discontent) शीर्षक वाली एक पोस्ट के बाद उठाया गया है, जो पहले «Mada Masr» पर प्रकाशित हुई थी। याचिका डिजिटल अदालती शुल्कों को लेकर शिक्षकों की बढ़ती नाराज़गी पर प्रकाश डालती है। वकीलों का तर्क है कि ये शुल्क कानूनी तौर पर निराधार हैं और शिक्षकों के अधिकारों का हनन करते हैं। वे इस मुद्दे को कैमरों के सामने सुलझाने के बजाय, कानूनी माध्यमों से हल करने पर ज़ोर दे रहे हैं। याचिका में इन शुल्कों को रद्द करने और शिक्षकों की आर्थिक राहत की मांग की गई है। «Mada Masr» ने इस मामले की शुरुआत में रिपोर्टिंग की थी, जो अब कानूनी चुनौती में तब्दील हो गई है।