कैमरून के वकील और राजनेता, क्रिश्चियन न्तिम्बने बोमो का कहना है कि राष्ट्रपति पॉल बिया द्वारा यूरोप में रहने के दौरान हस्ताक्षरित फरमान और अन्य कार्य कानूनी रूप से अमान्य हैं। बोमो का तर्क है कि कैमरून के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति को देश में रहकर ही आधिकारिक कार्य करने चाहिए। उन्होंने इन फरमानों की वैधता पर सवाल उठाए हैं, यह दावा करते हुए कि वे देश के कानून का उल्लंघन करते हैं। बोमो ने बिया की अनुपस्थिति में लिए गए निर्णयों की निष्पक्षता पर भी संदेह व्यक्त किया है। उनका मानना है कि इन कार्यों से कैमरून की कानूनी प्रणाली कमजोर होती है। इस मुद्दे पर कानूनी और राजनीतिक बहस छिड़ गई है, क्योंकि विपक्षी दल भी राष्ट्रपति बिया के इन कार्यों की आलोचना कर रहे हैं। इस स्थिति से कैमरून में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।