अहमद खोज़िनुद्दीन के अनुसार, गेरिन्द्रा पार्टी की जिम्मेदारी है कि वह संवैधानिक न्यायालय के फैसले का पालन करे, जिसमें गिब्रान के हाई स्कूल डिप्लोमा या शिक्षा दस्तावेजों का कोई प्रमाण नहीं मिला। खोज़िनुद्दीन और अन्य लोगों ने गिब्रान के महाभियोग की मांग करते हुए गेरिन्द्रा के केंद्रीय नेतृत्व (DPP Gerindra) को एक पत्र भेजा है। यह कदम न्यायालय के फैसले के बाद उठाया गया है, जिसमें गिब्रान की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए गए थे। पत्र में पार्टी से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। खोज़िनुद्दीन ने जोर देकर कहा कि गेरिन्द्रा को कानून का पालन करना चाहिए और गिब्रान की पात्रता की जांच करनी चाहिए। यह घटना इंडोनेशिया की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। इस मामले पर आगे की कार्यवाही पार्टी और अन्य राजनीतिक गुटों द्वारा की जाएगी।

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