एक कानूनी फर्म ने बौद्धिक संपदा विभाग के खिलाफ मुकदमा दायर किया था, यह तर्क देते हुए कि उनका ट्रेडमार्क ‘APOLO LAWYERS Solicitors & Litigators’ ‘APOLO LAWFIRM’ से भ्रमित करने वाला नहीं है। फर्म का दावा था कि दोनों नामों में पर्याप्त अंतर है। हालांकि, अदालत ने फर्म के पक्ष में फैसला देने से इनकार कर दिया, जिससे यह संकेत मिलता है कि नाम में समानता उपभोक्ताओं में भ्रम पैदा कर सकती है। यह मामला ट्रेडमार्क कानून और समान नामों के उपयोग से जुड़े संभावित जोखिमों पर प्रकाश डालता है। अदालत का निर्णय अन्य कानूनी फर्मों के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है जो समान नामों का उपयोग करने पर विचार कर रही हैं। इस फैसले से बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व और ट्रेडमार्क उल्लंघन से बचने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है। यह मामला कानूनी क्षेत्र में ब्रांडिंग और पहचान के महत्व को दर्शाता है।