रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि उन्हें यह मानने की इच्छा भी नहीं है कि अलास्का में पुतिन-ट्रम्प शिखर वार्ता का उद्देश्य कीव को फिर से हथियार देने के लिए समय खरीदना था। लावरोव के अनुसार, मास्को किसी भी समय यूक्रेन के साथ बातचीत फिर से शुरू करने को तैयार है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रूस इस संभावना पर विचार करने को भी तैयार नहीं है कि अलास्का वार्ता का कोई छिपा हुआ एजेंडा था। यह बयान यूक्रेन को पश्चिमी देशों से मिल रही सैन्य सहायता के संदर्भ में आया है। लावरोव ने बातचीत के लिए रूस की तत्परता को दोहराया, लेकिन किसी भी पूर्व शर्त पर जोर नहीं दिया। यह टिप्पणी रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे तनाव के बीच आई है, जहाँ दोनों पक्ष एक-दूसरे पर बातचीत में देरी करने का आरोप लगा रहे हैं। रूस का रुख दर्शाता है कि वह कूटनीति के लिए खुला है, लेकिन पश्चिमी हथियारों की आपूर्ति को लेकर चिंतित है।