लातविया बैंक ने इस वर्ष की औसत वार्षिक मुद्रास्फीति के अपने पूर्वानुमान को 3.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.6 प्रतिशत कर दिया है। यह संशोधन ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक आर्थिक स्थिति के कारण किया गया है। बैंक का कहना है कि मुद्रास्फीति पर भू-राजनीतिक तनाव का भी प्रभाव पड़ रहा है। हालांकि, अगले साल मुद्रास्फीति कम होने की उम्मीद है, जिसका अनुमान 2.7 प्रतिशत लगाया गया है। बैंक के विशेषज्ञ मानते हैं कि उपभोक्ता मांग में कमी और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता से मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। यह कदम लातवियाई अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभावों को देखते हुए महत्वपूर्ण है। बैंक लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और आवश्यकतानुसार आगे के उपाय करने के लिए तैयार है।
