लातविया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक पौधों को पाले से बचाने के लिए एक नए जैविक उपाय पर काम कर रहे हैं। यह शोध प्राकृतिक सूक्ष्मजीवों पर आधारित है जो पौधों को तापमान में होने वाले बदलावों को बेहतर ढंग से सहने में मदद कर सकते हैं। वसंत ऋतु में होने वाली हल्की ठंड किसानों और बागवानों के लिए चिंता का विषय होती है, जिससे फसल का काफी नुकसान हो सकता है। लातवियाई टेलीविजन की रिपोर्ट के अनुसार, यह नया उपाय फसलों को ठंड से होने वाले नुकसान को कम करने की क्षमता रखता है। वैज्ञानिक उम्मीद करते हैं कि यह तकनीक भविष्य में कृषि के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। यह शोध पौधों की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित है, जिससे रासायनिक विकल्पों की आवश्यकता कम हो सकती है। इस पहल से कृषि क्षेत्र में स्थिरता और खाद्य सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है।
