लातविया की संसद, सैमा ने पशु संरक्षण कानून में प्रस्तावित संशोधनों को अस्वीकार कर दिया है। ये संशोधन पिंजरे में मुर्गियों को रखने पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित थे। प्रस्तावित कानून के तहत, 2032 तक इस प्रतिबंध को लागू करने की अवधि दी जानी थी। गुरुवार, 11 जून को हुई वोटिंग में, सैमा ने इस प्रस्ताव को पहले पठन में ही खारिज कर दिया। इस फैसले से पशु कल्याण कार्यकर्ताओं में निराशा है, जो बेहतर पशुपालन प्रथाओं की वकालत कर रहे थे। फिलहाल, लातविया में पिंजरे में मुर्गियों को रखना कानूनी बना रहेगा। इस मामले में आगे की चर्चा और मतदान की संभावना है।