लातविया के लीएपāja और अन्य तटीय शहरों में समुद्री गलियों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। ये पक्षी अब इतने निर्भीक हो गए हैं कि वे अक्सर लोगों से खाना चुरा लेते हैं और व्यावसायिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाते हैं। स्थानीय निवासी और व्यापारी इस समस्या के समाधान खोजने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, प्रकृति संरक्षण एजेंसी (DAP) का कहना है कि केवल परिणामों से लड़ना पर्याप्त नहीं है। एजेंसी का जोर निवारक उपायों पर है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह समस्या शहरों में बढ़ती मानवीय गतिविधियों और पक्षियों के प्राकृतिक आवासों में कमी के कारण उत्पन्न हुई है। अधिकारियों का मानना है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है।