लातविया सरकार ने बचपन के टीकाकरण कार्यक्रम में संशोधन किया है। इस संशोधन के तहत, खसरा, कण्ठमाला और रूबेला के संयुक्त टीके की दूसरी खुराक अब सात वर्ष की आयु की बजाय चार वर्ष की आयु में दी जाएगी। यह बदलाव बच्चों को कम उम्र में ही इन बीमारियों से बचाने के उद्देश्य से किया गया है। सरकार का यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और खसरा जैसे संक्रामक रोगों के प्रसार को रोकने में सहायक होगा। यह टीकाकरण कार्यक्रम लातविया में सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस संशोधन से उम्मीद है कि बच्चों में इन बीमारियों के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता जल्दी विकसित हो जाएगी। LETA समाचार एजेंसी ने इस जानकारी की पुष्टि की है।