लातविया सरकार ने मंगलवार को एक ऐसा फैसला लिया है जिससे वनों के बाहर बड़े पेड़ों को पहले की तुलना में अधिक संख्या में काटने की अनुमति मिलेगी। यह निर्णय पर्यावरण कार्यकर्ताओं और संरक्षण समूहों के विरोध के बीच आया है। सरकार का तर्क है कि यह कदम आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा और ग्रामीण क्षेत्रों में लकड़ी की आपूर्ति में मदद करेगा। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इससे देश के प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान होगा और जैव विविधता कम होगी। नए नियमों के तहत, कुछ विशेष परिस्थितियों में पहले प्रतिबंधित आकार के पेड़ों को भी काटा जा सकेगा। इस फैसले से लातविया के वन संरक्षण प्रयासों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। सरकार ने इस मुद्दे पर और चर्चा करने की बात कही है।