जर्मनी में विश्वविद्यालयों का कहना है कि अब कई पाठ्यक्रमों में लैटिन भाषा की अनिवार्यता समाप्त की जा सकती है। विश्वविद्यालयों के सम्मेलन ने यह घोषणा की है कि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भी लैटिन की आवश्यकता नहीं होगी। हालाँकि, कला इतिहास और दर्शन जैसे कुछ विषयों के लिए लैटिन भाषा का ज्ञान अभी भी आवश्यक माना जा रहा है। यह बदलाव छात्रों के लिए पाठ्यक्रम को अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। विश्वविद्यालयों का कहना है कि आधुनिक शिक्षा में लैटिन भाषा की अनिवार्यता अब उतनी महत्वपूर्ण नहीं रही जितनी पहले थी। इस कदम से उन छात्रों को लाभ होगा जिन्हें लैटिन भाषा में कठिनाई होती है, लेकिन अन्य विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता है। इस बदलाव पर आगे चर्चा होने की संभावना है।