विपक्ष के नेता यायर लापिद ने आर्य डरेई के पोतों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एक भावनात्मक अपील की। लापिद ने उनसे उनकी धार्मिक पहचान के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि यदि वे अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स (हरेदी) बनना चाहते हैं, तो उन्हें वैसा ही होना चाहिए। यह संदेश उनकी व्यक्तिगत मान्यताओं और पहचान के सम्मान से जुड़ा था। इस संक्षिप्त संवाद ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में ध्यान आकर्षित किया। यह घटना लापिद के संवाद करने के तरीके को दर्शाती है।