संसद का सत्र समाप्त होने के साथ, कृषि न्यायालय से संबंधित विधेयक फिलहाल रोक दिया गया है। यह विधेयक आगामी 20 जुलाई को फिर से प्रस्तुत किया जाएगा। इसका मतलब है कि इस विधेयक पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं होगी और यह अगले सत्र तक लंबित रहेगा। सरकार इस विधेयक को पारित करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन विपक्ष ने कुछ मुद्दों पर आपत्ति जताई है। विधेयक में कृषि भूमि विवादों के समाधान के लिए एक विशेष अदालत की स्थापना का प्रावधान है। इस विधेयक के पारित होने से किसानों को लाभ होने की उम्मीद है, लेकिन कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहले से मौजूद कानूनों के साथ टकराव कर सकता है। 20 जुलाई को विधेयक के पुन:प्रस्तुत होने पर इस पर गहन चर्चा होने की संभावना है।
