पूर्व ‘एनएसिंक’ गायक लैंस बास ने एक पॉडकास्ट में खुलासा किया है कि बैंड के सदस्य वर्षों तक प्रतिदिन केवल 35 डॉलर कमाते थे। जबकि रिकॉर्ड लेबल ने केवल फैन मर्चेंडाइज से लाखों डॉलर कमाए। बास ने बताया कि यह व्यवस्था उन्हें पीछे मुड़कर देखने पर शोषण जैसा लगती है। यह खुलासा संगीत उद्योग में कलाकारों के वित्तीय अधिकारों पर सवाल उठाता है। यह मामला बताता है कि कैसे रिकॉर्ड कंपनियां अपने कलाकारों के श्रम का लाभ उठा सकती हैं। बास के बयान से ‘एनएसिंक’ के प्रशंसकों के बीच भी निराशा की लहर है। इस घटना ने संगीत उद्योग में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को और मजबूत किया है।