पूर्व राजनेता पाब्लो मोयानो राजनीति में फिर से सक्रिय हो गए हैं और सरकार के खिलाफ श्रम सुधार को चुनौती देने का इरादा रखते हैं। वे ‘ला फ्रेटर्निडाद’ संगठन के नेताओं के साथ मिलकर इस मामले में आगे बढ़ेंगे। मोयानो का मानना है कि यह कदम अन्य विपक्षी पहलों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा। उनका उद्देश्य सरकार की नई श्रम नीतियों का विरोध करना और उन्हें कानूनी रूप से चुनौती देना है। ‘ला फ्रेटर्निडाद’ संगठन को मोयानो द्वारा अन्य विपक्षी समूहों को एकजुट करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है। यह कदम राजनीतिक गलियारों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मोयानो का सरकार के साथ पहले से ही तनावपूर्ण संबंध रहा है। इस मामले में आगे की कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।