जर्मनी की श्रम मंत्री बार्बेल बास ने पहली दिन से अनिवार्य बीमारी की छुट्टी लागू करने की योजना पर सवाल उठाए हैं। यह योजना पूर्व की 'श्वार्ज-रोट' गठबंधन सरकार द्वारा प्रस्तावित थी। मंत्री बास का मानना है कि इस योजना को लागू करने से पहले इसकी व्यवहार्यता पर विचार करना आवश्यक है। उन्होंने इस नीति के संभावित प्रभावों और चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की है। इस कदम का उद्देश्य कर्मचारियों को बीमारी के पहले दिन से ही छुट्टी लेने का अधिकार देना था, लेकिन अब इस पर पुनर्विचार किया जा रहा है। इस मुद्दे पर आगे चर्चा और मूल्यांकन की आवश्यकता है। सरकार सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एक व्यावहारिक समाधान खोजने का प्रयास करेगी।