मंत्रिमंडल ने कुछ व्यवसायों के कर्मचारियों और नागरिकों की कुछ श्रेणियों के लिए अनिवार्य चिकित्सा जांच के नियमों में बदलावों को मंजूरी दी है। यह बदलाव अनिवार्य चिकित्सा जांचों को डिजिटल प्रारूप में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। पहले, ये रिकॉर्ड कागजी रूप में रखे जाते थे, लेकिन अब इन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप से संग्रहीत किया जाएगा। इस कदम से स्वास्थ्य सेवाओं की दक्षता और पारदर्शिता में सुधार होने की उम्मीद है। इससे मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड तक पहुंच आसान हो जाएगी और डॉक्टरों को बेहतर उपचार प्रदान करने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को आधुनिक बनाना और नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। यह परिवर्तन स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
