किर्गिस्तान में ईंधन बाजार में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पहले कम कीमतों पर खरीदा गया ईंधन लगभग समाप्त हो गया है, जबकि नए डीजल बैचों की खरीद 1,350 से 1,600 डॉलर प्रति टन और एआई-92 पेट्रोल की 1,400 से 1,450 डॉलर प्रति टन पर हो रही है। रूसी कंपनियों से उच्च मांग अतिरिक्त दबाव डाल रही है। इसके कारण ईंधन की कीमतों में वृद्धि होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति उपभोक्ताओं के लिए असरदार साबित हो सकती है। सरकार इस समस्या के समाधान के लिए कदम उठा रही है, लेकिन हालात अभी भी चिंताजनक हैं। बाजार पर करीबी नजर रखी जा रही है।