किर्गिस्तान के कर्करा पर्वत के उत्तरी ढलानों पर स्थित उच्च पर्वतीय झीलों में बाढ़ के खतरे का आकलन करने के लिए हवाई सर्वेक्षण किया गया। यह जानकारी आपात स्थिति मंत्रालय के प्रेस सेवा द्वारा दी गई है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य संभावित भूस्खलन बांधों और उनसे होने वाले जोखिमों की पहचान करना है। इन झीलों में अचानक बाढ़ आने से भारी क्षति हो सकती है, इसलिए इनका मूल्यांकन महत्वपूर्ण है। मंत्रालय का कहना है कि सर्वेक्षण से प्राप्त डेटा से भविष्य में आपदा प्रबंधन के लिए बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी। इस क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियरों के पिघलने से भी झीलों के स्तर में वृद्धि हो रही है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मूल्यांकन रिपोर्ट जल्द ही जारी की जाएगी।