किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादीर जपारोव ने ‘कबार’ समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में कहा है कि विदेशी श्रमिक किर्गिस्तान केवल विशिष्ट परियोजनाओं को पूरा करने के लिए आते हैं। उनका कहना है कि ये श्रमिक स्थायी रूप से बसने के इरादे से नहीं आते। परियोजना पूरी होने के बाद, वे अपने गृह देशों में लौट जाते हैं। राष्ट्रपति जपारोव ने इस बात पर जोर दिया कि किर्गिस्तान विदेशी श्रमिकों का स्वागत करता है, लेकिन यह स्पष्ट है कि उनकी उपस्थिति अस्थायी है। यह बयान श्रम प्रवास और रोजगार नीतियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। जपारोव का यह वक्तव्य किर्गिस्तान में विदेशी श्रमिकों की भूमिका और भविष्य की योजनाओं को समझने में मदद करता है। यह जानकारी किर्गिस्तान की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर उनके प्रभाव को भी स्पष्ट करती है।