किर्गिस्तान की संसद में सांसदों ने एचआईवी/एड्स की रोकथाम की प्रभावशीलता और संबंधित चिकित्सा संस्थानों के कामकाज पर चिंता जताई है। यह मुद्दा ग्लोबल फंड के साथ समझौते के अनुसमर्थन विधेयक पर चर्चा के दौरान उठाया गया था। समझौते के तहत, किर्गिस्तान को एचआईवी, तपेदिक और मलेरिया से लड़ने के लिए 24 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता प्राप्त होगी। सांसदों ने रोकथाम कार्यक्रमों को बेहतर बनाने और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। यह सहायता देश को इन बीमारियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सरकार से इस धन का प्रभावी उपयोग करने और पारदर्शिता बनाए रखने की अपेक्षा की जा रही है। इस पहल से किर्गिस्तान में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
