राष्ट्रपति सादीर जपारोव ने नारिन प्रांत के निवासियों के साथ एक बैठक में घोषणा की कि राज्य बंधक कंपनी अब बिश्केक, ओश और प्रांतीय केंद्रों में आवास का निर्माण नहीं करेगी। यह निर्णय देश में आवास निर्माण की नीतियों में एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्शाता है। राष्ट्रपति ने इस फैसले के पीछे के कारणों पर विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन यह संकेत दिया कि संसाधनों का आवंटन अन्य क्षेत्रों पर केंद्रित किया जाएगा। इस घोषणा से इन शहरों में आवास की उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ सकता है। सरकार अब आवास निर्माण के लिए अन्य विकल्पों पर विचार कर सकती है, जिसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देना शामिल है। इस कदम का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को संतुलित करना और देश के सभी हिस्सों में समान अवसर प्रदान करना हो सकता है। आगे की जानकारी के लिए सरकार द्वारा विस्तृत योजना जारी किए जाने की उम्मीद है।
