जलवायु परिवर्तन के कारण कыргызस्तान के किसानों को अपनी पारंपरिक खेती के तरीकों में बदलाव करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। बत्केन क्षेत्र में, किसान बार-बार हो रही पाले की मार के कारण अब खुबानी की जगह रसभरी और चेरी की खेती करने लगे हैं। पहले यह क्षेत्र खुबानी के उत्पादन के लिए जाना जाता था, लेकिन बदलता मौसम इसकी खेती को मुश्किल बना रहा है। रसभरी और चेरी जैसे फल पाले के प्रति अधिक प्रतिरोधी हैं, इसलिए किसान इन फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। इस बदलाव से क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए किसानों को नई फसलों और तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता है। यह स्थिति अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिल सकती है, जहाँ जलवायु परिवर्तन कृषि पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।

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