उद्यमी इलिम कारीपबेकोव ने ब्लॉगर्स को करों से छूट दिए जाने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने राष्ट्रपति और राज्य कर सेवा के प्रमुख अल्माम्बेतु शिकमामातोव को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञापन से आय अर्जित करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को अन्य व्यवसायों की तरह करों का भुगतान करना चाहिए। कारीपबेकोव का तर्क है कि कर छूट से बाजार में असमानता पैदा होगी और यह उचित नहीं है। उनका मानना है कि सभी को समान नियमों का पालन करना चाहिए, चाहे वे किसी भी क्षेत्र में काम कर रहे हों। इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई है, जिसमें कुछ लोग कर छूट का समर्थन कर रहे हैं, जबकि अन्य कारीपबेकोव के विचारों से सहमत हैं। यह मामला अब सरकार के ध्यान में है और इस पर आगे निर्णय लिया जाना है।