बीते चार दिनों में यह मॉस्को पर यूक्रेन का तीसरा बड़ा ड्रोन हमला है। इससे पहले 16 और 18 जून को हुए हमलों में मॉस्को की सबसे बड़ी रिफाइनरी, कपोटन्या तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचा था। ये हमले रूस की राजधानी के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ा रहे हैं। यूक्रेन ने अभी तक इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन रूसी अधिकारी यूक्रेनी ड्रोन के इस्तेमाल की बात कह रहे हैं। इन हमलों के बाद मॉस्को में हवाई सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये हमले यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई का हिस्सा हो सकते हैं। रूस और यूक्रेन के बीच तनाव लगातार बना हुआ है और ये हमले इसे और बढ़ा सकते हैं।
