रूस में युद्ध के कारण भारी जनहानि हो रही है, वहीं आंतरिक स्तर पर आलोचना भी बढ़ रही है और अर्थव्यवस्था भी कमजोर पड़ रही है। इन परिस्थितियों के बीच राष्ट्रपति पुतिन की स्थिति पहले से कहीं अधिक कमजोर हो गई है। विश्लेषकों का मानना है कि पुतिन अपनी सत्ता बचाने के लिए 'बंधक तंत्र' का उपयोग कर रहे हैं, जिसका अर्थ है कि वे अपने वफादारों को महत्वपूर्ण पदों पर बनाए रख रहे हैं और असंतुष्टों को दबा रहे हैं। इस रणनीति के तहत, वे संभावित तख्तापलट की आशंका से भी निपट रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति पुतिन के शासन के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करती है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यह रणनीति सफल होगी या नहीं, लेकिन यह निश्चित है कि रूस में राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है।