क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि लिथुआनिया द्वारा परमाणु हथियारों की तैनाती पर प्रतिबंध हटाने की मंशा एक नए दौर की वृद्धि का कारण बनेगी। पेस्कोव के अनुसार, यदि लिथुआनिया ऐसे हथियार रखने की अनुमति देता है, तो वह रूसी परमाणु हथियारों के निशाने पर आ जाएगा। उन्होंने इस कदम को बेहद नकारात्मक और अस्थिर बताते हुए खेद व्यक्त किया। क्रेमलिन ने पहले ही वॉशिंगटन से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। इस स्थिति से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है। रूस लिथुआनिया की इस कार्रवाई को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है और उसके उचित जवाब देने की चेतावनी दी है।​ यह घोषणा बाल्टिक क्षेत्र में सुरक्षा परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का संकेत देती है।