रूस में एक प्रमुख विपक्षी नेता को युद्ध-विरोधी सोशल मीडिया पोस्ट करने के आरोप में जेल की सजा सुनाई गई है। यह फैसला सरकार द्वारा असंतोष को दबाने के प्रयासों के बीच आया है। नेता पर कथित तौर पर रूसी सेना की कार्रवाइयों की आलोचना करने और युद्ध के बारे में झूठी जानकारी फैलाने का आरोप है। अदालत ने उन्हें कई वर्षों की कैद की सजा सुनाई है, जिसकी पुष्टि अभी बाकी है। इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई है, कई देशों ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। विपक्षी समूहों का कहना है कि यह सजा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। रूस में युद्ध के प्रति विरोध प्रदर्शनों को लगातार दबाया जा रहा है।
