प्रतिबंध झेल रही एक रूसी फर्म द्वारा तैयार किए गए लीक हुए दस्तावेजों से पता चला है कि क्रेमलिन पूर्वी यूरोप में दरार डालने की कोशिश कर रहा है। इस योजना का उद्देश्य विसेग्राड समूह को तोड़ना है, जो चार मध्य यूरोपीय देशों - पोलैंड, हंगरी, चेक गणराज्य और स्लोवाकिया का एक समूह है। दस्तावेजों से यह भी संकेत मिलता है कि कीव का समर्थन करने वाले दो देशों को इस नई प्रस्तावित "वियना समझौते" से बाहर रखा गया है। यह समझौता विसेग्राड समूह के भीतर सहयोग को कमजोर करने और रूस के प्रभाव को बढ़ाने का प्रयास हो सकता है। लीक हुए दस्तावेज़ क्रेमलिन की क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करने और यूरोपीय एकता को बाधित करने की मंशा को उजागर करते हैं। इस योजना के परिणामस्वरूप पूर्वी यूरोप में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है। फिलहाल, इस योजना के क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट नहीं है।