भ्रष्टाचार उन्मूलन आयोग (केपीके) ने अपने ही प्रशासनिक कर्मचारी, सेत्या बुडी डायस ओक्तावियांटो को पेमलांग के रीजेंट अनोम विदिआंतोरो से जबरन वसूली के आरोप में संदिग्ध घोषित किया है। यह मामला केपीके के भीतर ही भ्रष्टाचार के आरोपों को उजागर करता है। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह पहला मामला नहीं है और अतीत में भी इस तरह की हरकतें हुई होंगी। वे अब पहले के मामलों की भी जांच कर रहे हैं। यह कदम केपीके की अपनी आंतरिक सफाई के प्रयासों को दर्शाता है। माना जा रहा है कि इस मामले से केपीके की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है। आगे की जांच से मामले की सच्चाई सामने आएगी।